Featured post
- Get link
- X
- Other Apps
नमस्कार दोस्तों उत्तराखंड दर्शन की इस पोस्ट में आपका स्वागत है उत्तराखंड अपने पर्यटन स्थलों के वजह से विश्व प्रसिद्ध है।
आज के इस पोस्ट में हम उत्तराखंड के एक खूबसूरत वातावरण चकराता के बारे में बात करेंगे।
आज के इस पोस्ट में हम उत्तराखंड के एक खूबसूरत वातावरण चकराता के बारे में बात करेंगे।
चकराता एक ख़ूबसूरत पर्यटन स्थल है, जो कलसी, उत्तराखण्ड में स्थित है। यह स्थान अपने शांत वातावरण और प्रदूषण मुक्त पर्यावरण के लिए जाना जाता है। चकराता में दूर-दूर फैले घने जंगलों में जौनसारी जनजाति के आकर्षक गांव हैं। यह नगर उत्तर पश्चिम उत्तराखंड के जौनसर बावर क्षेत्र के अंतर्गत आता है। चकराता का स्थापना कर्नल ह्यूम और उनके सहयोगी अधिकारियों ने की थी। यहाँ पर पैरासेलिंग, ट्रैकिंग, स्कीइंग और तीरंदाजी आदि की अच्छी सुविधाएँ हैं। चकराता में भारतीय सेना के जवानों को कमांडों ट्रेनिंग भी दी जाती है।
टाइगर फॉल
चकराता से 5 किमी पैदल चलने पर 50 मीटर ऊंचा टाइगर फॉल है। उंचें जगह से एक छोटे तालाब में गिरता हुआ झरने का दृश्य बडा खूबसूरत लगता है। समुद्र तल से 1395 मीटर की ऊंचाई पर स्थित यह झरना चकराता के उत्तर पूर्व में है।
लाखमंडल
मसूरी-यमुनोत्री रोड़ पर स्थित लाखमंडल का ऐतिहासिक और पौराणिक महत्व है। यह स्थान विशेषरूप से महाभारत काल से संबधित है। कहा जाता है कि कौरवों ने पाड़ंवों के लिए लाक्षागृह बनवाया था और उन्हें जिंदा जलाने का षडयन्त्र रचा था। लाखमंडल यमुना नदी से 30 किलोमीटर की दूरी पर है। देहरादून यहां से 128 किलोमीटर दूर है। यहां पांडवों, परशुराम, केदार और दिवा को समर्पित अनेक मंदिर भी बने हुए हैं। भीम और अर्जुन की आकृति को यहां बेहद खूबसूरती से पत्थर पर उकेरा गया है।
मोईगड झरना
देहरादून से 69 किलोमीटर दूर दिल्ली-यमुनोत्री मार्ग पर यह शांत और स्वच्छ झरना स्थित है। यमुनोत्री जाते वक्त यहां स्नान करके तरोताजा हुआ जा सकता है।
कानासर
ऊंची पहाड़ियों और घने बरसाती वनों से घिरा यह स्थान पर्यटकों के लिए आदर्श जगह है। यहां ठहरने के लिए फोरेस्ट रेस्ट हाउस की व्यवस्था है जिसके चारों ओर के नजारे काफी आर्कषक हैं। कानासर चकराता से 26 किलोमीटर दूर चकराता-ट्यूनी मार्ग पर स्थित है।
रामताल गार्डन
चकराता से 9 किलोमीटरदूर चकराता-मसूरी मार्ग पर रामताल गार्डन है। यह गार्डन 30 मीटर लंबा और 20 मीटर चौड़ा है। सुंदर और हरा भरा यह गार्डन पिकनिक मनाने के लिए बेहतरीन जगह है।
देव वन
रामताल गार्डन
चकराता से 9 किलोमीटरदूर चकराता-मसूरी मार्ग पर रामताल गार्डन है। यह गार्डन 30 मीटर लंबा और 20 मीटर चौड़ा है। सुंदर और हरा भरा यह गार्डन पिकनिक मनाने के लिए बेहतरीन जगह है।
देव वन
चकराता से 16 किलोमीटर की दूरी पर स्थित यह स्थान घने जंगलों से घिरा हुआ है। देव वन समुद्र तल से 9500 फीट की ऊंचाई पर है। यहां से हिमालय की विशाल पर्वत श्रृंखलाएं देखी जा सकतीं हैं। यहां का शांत वातावरण बहुत ही आनंद देता हैं।
कैसे पहुँचें
वायुमार्ग
चकराता का नजदीकी हवाईअड्डा जौली ग्रान्ट है, जो देहरादून से 25 कि.मी. दूर स्थित है। यह हवाईअड्डा चकराता से लगभग 123 कि.मी. दूर है। चकराता जाने के लिए यहाँ से बस या टैक्सी की सेवाएँ भी ली जा सकती हैं।
रेलमार्ग
देहरादून रेलवे स्टेशन से चकराता राज्य परिवहन या निजी वाहन के माध्यम से पहुँचा जा सकता है।
सड़क मार्ग
मसूरी से चकराता जाने के लिए राज्य राजमार्ग से केम्पटी फॉल, यमुना पुल और लखवाड़ होते हुए चकराता पहुँचा जा सकता है। देहरादून से राष्ट्रीय राजमार्ग 72 से हरबर्टपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग 123 से कालसी और वहाँ से राज्य मार्ग की सड़क के माध्यम से चकराता पहुँचा जा सकता है।
कब जाएँ
चकराता जाने के लिए मार्च से जून और अक्टूबर से दिसम्बर का समय सबसे अधिक उपयुक्त रहता है। जून के अंत और सितम्बर के मध्य में यहाँ वर्षा होती है। यहाँ पर सर्दियाँ भी काफ़ी ठण्डी होती है!
दोस्तों आपको यह पोस्ट अच्छी लगी तो प्लीज शेयर कीजिए।
और कमेंट में अपनी राय जरुर दीजिए
ब्यूरो उत्तराखंड दर्शन
चकराता का नजदीकी हवाईअड्डा जौली ग्रान्ट है, जो देहरादून से 25 कि.मी. दूर स्थित है। यह हवाईअड्डा चकराता से लगभग 123 कि.मी. दूर है। चकराता जाने के लिए यहाँ से बस या टैक्सी की सेवाएँ भी ली जा सकती हैं।
रेलमार्ग
देहरादून रेलवे स्टेशन से चकराता राज्य परिवहन या निजी वाहन के माध्यम से पहुँचा जा सकता है।
सड़क मार्ग
मसूरी से चकराता जाने के लिए राज्य राजमार्ग से केम्पटी फॉल, यमुना पुल और लखवाड़ होते हुए चकराता पहुँचा जा सकता है। देहरादून से राष्ट्रीय राजमार्ग 72 से हरबर्टपुर, राष्ट्रीय राजमार्ग 123 से कालसी और वहाँ से राज्य मार्ग की सड़क के माध्यम से चकराता पहुँचा जा सकता है।
कब जाएँ
चकराता जाने के लिए मार्च से जून और अक्टूबर से दिसम्बर का समय सबसे अधिक उपयुक्त रहता है। जून के अंत और सितम्बर के मध्य में यहाँ वर्षा होती है। यहाँ पर सर्दियाँ भी काफ़ी ठण्डी होती है!
दोस्तों आपको यह पोस्ट अच्छी लगी तो प्लीज शेयर कीजिए।
और कमेंट में अपनी राय जरुर दीजिए
ब्यूरो उत्तराखंड दर्शन



Comments
Post a Comment